Tuesday, April 28, 2020

Top 3 hindi short stories for students with moral

Top 3 hindi short stories for students with moral
Top 3 hindi short stories for students with moral 


सबसे ज्यादा सफ़ेद कौन ?

दरबार में बैठे दरबारियों से बादशाह अकबर ने सवाल कर दिया, "किसी को मालूम है सबसे अधिक सफेद कौन है?" दरबारी आश्चर्य से एक-दूसरे का मुंह देखने लगे । एक दरबारी बहुत सोचने और बहुत सिर मारने के बाद बोला, "बर्फ, जहांपनाह। दूसरे दरबारी ने कहा,"हुजूर, कपास।' तीसरे दरबारी ने कहा, "जहांपनाह, दूध।"

सबने अपनी-अपनी सोच व बुद्धि के अनुसार सफेद वस्तुओं के नाम बताए। अधिकांश दरबारियों ने कपास और दूध को ही सबसे अधिक सफेद माना। बादशाह अकबर भी इससे काफी कुछ हद तक सहमत थे। लेकिन बीरबल सबसे अलग-थलग थे और अभी तक समझ नहीं सके थे कि सबसे अधिक सफेद चीज क्या हो सकती है? बीरबल अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बोले, "जहांपनाह, मेरी नजर में तो सूर्य का प्रकाश सबसे अधिक सफेद और चमकीला होता है। वह घोर अंधकार में भी साफ दिख जाता है।"

उन्होंने बीरबल से कहा, "बीरबल, क्या तुम अपनी बात को साबित कर सकते हो?" "हां, मेरे मालिक, लेकिन मुझे अपनी बात को साबित करने के लिए 24 घंटे का समय चाहिए।" बीरबल के यह कहने पर शहंशाह ने उन्हें 24 घंटे का समय दे दिया। दूसरे दिन दोपहर में बादशाह अकबर आराम फरमा रहे थे। बीरबल एक बर्तन में दूध और पांच-छह कपास के खिले हुए फूल कमरे के दरवाजे पर रख आए। कमरा चारों तरफ से बंद था और सुरज की रोशनी के अंदर जाने के लिए कोई भी खुली जगह नहीं थी। बीरबल ने यह काम छुपकर गुप्त तरीके से किया था। आराम करने के बाद शहंशाह जैसे ही उठकर दरवाजे के पास आए, उनके पैर की ठोकर लगते ही दूध का बर्तन उलट गया और सारा दूध फर्श पर फैल गया।

दरवाजा खुलते ही सूरज के प्रकाश से कमरा भर गया और शहंशाह अकबर को दरवाजे के पास कपास के फूल और एक बर्तन देखकर बहुत ही आश्चर्य हुआ। वह कमरे के बाहर आ गए। बीरबल कुछ दूरी पर नजर आ गए। शहंशाह समझ गए कि इन सबके पीछे बीरबल का हाथ है। बादशाह आगे बढ़ते हुए बोले, "बीरबल, यह सब करने के पीछे तुम्हारा मकसद क्या है?'" बीरवल ने सिर झुकाकर कहा- 'हुजूर आप भूल गए। कल आपने ही तो कहा था कि अपनी बात साबित करके दिखाओ। आज मैंने आपके उसी आदेश का पालन किया है। हजूर, मैंने अपनी बात को साबित कर दिया है। जहांपनाह, अव तो आप समझ ही गए होंगे कि इन तीनों में से सबसे अधिक सफेद और चमकीला कौन है? दूध और कपास को मैंने यहां इसलिए रखा कि उनकी सफेदी पर किसी को भी शक नहीं है। फिर भी आपने इन्हें नहीं देखा।

जहांपनाह, अब तो आपको यह मानना ही होगा कि सूरज का प्रकाश ही सबसे अधिक सफेद, उज्ज्वल और चमकीला है, क्योंकि आपने जैसे ही दरवाजा खोला सूरज का प्रकाश अंदर फैल गया और आपको सब चीजें नजर आने लगीं।" बादशाह अकबर यह सुनकर और देखकर मुस्कराए, फिर दरबार में आकर सबको बताया कि बीरबल का ही जवाब सही है। सबसे अधिक सफेद और चमकीला सुर्य का प्रकाश ही है। फिर तो दरबारियों ने भी बीरबल की प्रशंसा की और बादशाह ने बीरबल को मोतियों की एक माला भेंट करके उन्हें सम्मानित किया।


कितने दिन जीना है 

बीरबल अकबर बादशाह की हर समस्या के जवाब थे। बादशाह आए दिन उनकी बुद्धि की परीक्षा लेते ही रहते थे ताकि बीरबल अपनी बुद्धि और समझ में अधिक से अधिक विकास कर सकें। बादशाह ने एक दिन एक साधु को बीरबल के पास उनके बुद्धि -बल की परीक्षा लेने के लिए भेजा। अकबर बादशाह भी.वेश बदलकर पास में ही एक जगह छुप गए। साधु से बीरबल के नजदीक आकर कहा, "वत्स, तुम बीरबल हो न? भगवान ने सपने में मुझसे कहा है कि मैं अपने जीवन भर के लिए धन तुमसे ले लूं"

बीरबल साधु के ऐसा कहने पर आश्चर्य में पड़ गए और अगले ही पल समझ गए कि यह कोई ढोंगी साधु है, जो मुझे ठगना चाहता है। बीरबल बोले, "अच्छी बात है भगवन, मैं आज रात भगवान से सपने में यह पूछ लेता हूं कि अब आपने और कितने दिन जीना है, तभी तो मैं तुम्हें उचित धन दे सकूंगा।' साधु बीरबल का चतुरतापूर्ण जवाब सुनकर दंग रह गया। उसके पास अब कहने के लिए कुछ बचा ही नहीं था। पास में ही छुपे अकबर बादशाह भी बीरबल का जवाब सुन चुके थे। वह हंसते हुए बीरबल के नजदीक आ गए। बीरबल समझ गए कि यह सब बादशाह सलामत का ही किया धरा था। बादशाह अकबर बीरबल की पीठ पर हाथ रखते हुए कहने लगे, "बीरबल, तुम्हारी समझ और बुद्धि का कोई जवाब नहीं। चलो अब हम दरबार में चलते हैं।" बीरबल अकबर के साथ दरबार की ओर बढ़ चले।



बेरहम माँ 


दरबार लगा हुआ था। शहंशाह दरबारियों से राज्य के हालात पर बातचीत कर रहे थे। इतने में एक औरत हवा के झोंके की तरह चीखती-चिल्लाती हुई दरबार में आ गई। शहंशाह अकबर सहित दरबारी भी चौंक गए। एक दरबारी ने उस औरत को देखते हुए पूछा, "'क्या परेशानी है? तुम बदहवास-सी इतना दुःखी होकर क्यों रो रही हो?" वह औरत बोली, "मेरी पड़ोसिन ने मेरे बेटे का कत्ल कर दिया है।' बादशाह अकबर हुक्म दिया कि उस पड़ोसिन को पकड़कर फौरन दरबार में हाजिर किया जाए।

सैनिकों को सैनिकों ने पड़ोसिन को दरबार में लाकर हाजिर किया। शहंशाह ने पड़ोसिन को घूरते हुए पूछा, "क्या तुमने इस औरत के बेटे का कत्ल किया है?" पड़ोसिन यह सुनकर सहम ही नहीं गई, घबरा भी गई और बोली, "मेरे माई-बाप, मैं अपराधी नहीं हूं। मैंने इस औरत के पुत्र को नहीं मारा है। अवश्य कोई मेरा शत्रु है, जिसने स्वयं इसके पुत्र की हत्या कर  उसका शव मेरे बिस्तर पर रख दिया।" शहंशाह ने बीरबल को हुक्म दिया कि वह अपनी सूझबूझ से इस मामले को सुलझाएं।

बीरबल कत्ल के इस मामले को सुलझाने के लिए उस जगह गए जहां इन दोनों औरतों के घर थे। बीरबल को आस-पास से मालूम हुआ कि जिस स्त्री के पुत्र की हत्या हुई है , वह अपनी पड़ोसिन से अक्सर ही लड़ती-झगड़ती रहती है, इसके साथ ही वह औरत बदमिजाज भी है । लेकिन पड़ोसिन बहुत ही सीधी-सादी और चरित्रवान औरत है। इसके साथ ही बहुत निर्धन भी है। बीरबल इस मामले की पुरी छानबीन करने के बाद वरबार में लौट आए और पड़ोसिन से खोले, "देखो, तुमने व्च्चे की हत्या नहीं की है तो तुम इस भरे बरबार में अपने सारे वस्त्र उतार दो।" पड़ोसिन यह सुनकर घवरा गई और कहने लगी. "बादशाहों के बादशाह, आप मेरी जान ले सकते हैं, पर मुझसे भरे दरबार में कपड़े उतारने को न कहें मेरे पास बस मेरी इज्जत ही तो है।" बीरबल ने अब उस औरत की ओर देखा, जिसके बच्चे का कत्ल हुआ था और आगे बढ़ते हुए बोले, "देखो, अगर तुम्हें पूरा विश्वास है कि तुम्हारे वच्चे का कत्ल पड़ोसिन ने ही किया है तो तुम भरे दरबार में निर्वस्त्र हो जाओ।" उस औरत ने देखते-ही- देखते अपने बदन के सारे कपड़े उतारकर जमीन पर रख दिए।

बीरबल अचानक ही मुस्करा पड़े और सैनिकों से कहा, "इस निर्वस्त्र स्त्री को पेड़ से उलटा लटका दो और उसके नीचे लाल मिर्च रखकर आग लगा दो। वास्तव में ही यह औरत बहुत ही क्रूर, कठोर तथा दुश्चरित्र है। मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हू कि अपने पुत्र का कत्ल भी इस दुष्ट और चरित्रहीन औरत ने ही किया है।" अकबर बावशाह का भी खून गुस्से से उबल पड़ा और गुराती आवाज में बोले, "यह औरत निहायत ही घटिया, जालिम है और इंसानों की बस्ती में रहने लायक नहीं है। हमारा हुक्म है कि इसे उम्र भर के लिए काल कोठरी में डाल दिया जाए।" बादशाह के फैसले से सभी बहुत ही प्रसन्न हुए शहंशाह ने बीरबल को शाबाशी दी और उनके इस बुद्धिमत्तापूर्ण कार्य के लिए उनको ढेरों बधाइयां भी दीं।

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