Tuesday, January 7, 2020

Kahaniya in Hindi For Kids With Moral

Kahaniya in Hindi For Kids With Moral : इस पोस्ट में बच्चो के लिए सिख भरी कहानी दी गई है जिनसे बच्चो को अच्छी सिख मिलेगी |

Kahaniya in hindi For Kids With Moral
Kahaniya in hindi For Kids With Moral


सकारात्मक सोच | Kahaniya in Hindi For Kids With Moral


एक बार की बात की एक गावं में दो मजदूर किसी झोपडी में रहा करते थे वे दिन भर खेतों में काम करा करते थे और भगवान की मंदिर में  पूजा करते थे | एक दिन वह खेतों में काम करने गए थे और लौट ही रहे थे की तबसे बहुत तेजी से बारिस होने लगती है एवं कुछ देर बाद बहुत तेजी से आंधी भी आने लगती है | तो वह सोचने लगने है की अब घर कैसे जायेंगे तो वह दोनों वही खेत के किनारे  रुक जाते है और बारिश रुकने का इंतज़ार करने लगते हैं |

कुछ देर प्रतीक्षा करने के बाद बारिश नहीं रूकती तो वह वही रात भर रुक जाते है अगले दिन जब सुबह होती है तो वह घर के लिए जाते है  और वहां पहुच कर वह देखते है  की आंधी-तूफ़ान के कारण उनकी आधी झोपडी टूट गई है। यह देखकर पहला वाला मजदूर बहुत ज्यादा ही क्रोधित हो जाता है और बोलने लगता है हे भगवन ये तूने क्या किया मेरे साथ मैं तेरी रोज पूजा करता हूँ और आपने मेरे साथ ही गलत किया आप मुझसे बिलकुल भी प्रेम नहीं करते और बाकि के गावं में इतने चोर लुटेरे है जो आपकी सेवा तक नहीं करते आपने उनका मकान सही सलामत रखा है आज से मैं आपकी पूजा पाठ नहीं करूँगा |


तभी कुछ देर बाद वहां पर दूसरा मजदूर भी पहुच जाता है और वह झोपडी की हालत देखकर वह खुश  हो जाता है और नाचने लगता है | बोलता है हे भगवन तेरी महिमा अपरम्पार है मुझसे  आज से आप पे और भी ज्यादा भरोसा हो गया है और यकीन भी हो गया है की आप भी हम लोगो से बहुत प्रेम करते है | ये हमारी आधी अधूरी झोपडी तूने ही बचाई होगी वर्ना इतनी तेज आंधी – तूफ़ान में तो पूरी झोपडी ही उड़ जाती है ये तेरी ही कृपा है कि अभी भी हमारे पास रहने और सर ढंकने के लिए  जगह है |

Moral of this Story :-


तो मित्रो आपने देखा की एक ही परीस्थिती को वो दोनों मजदूर ने कैसे देखा | और आपकी सोच से ही आपका भविष्य बदलेगा आपकी सोच से ही आपका मार्ग बनता है यदि आप पहले मजदूर के जैसे सोचेंगे तो हमें हर चीज में कमी ही नजर आएगी और अगर दूसरे मजदूर की तरह सोचेंगे तो हमे हर चीज में अच्छाई दिखेगी | हमें दूसरे मजदूर की तरह विकट से विकट परिस्थिति में भी अपनी सोच ऊँची बनाये रखनी चाहिए।

बाज का शिकार | Kahaniya in Hindi For Kids With Moral

राजापुर गाव के पास एक बहुत घना जंगल था | उस जंगल मे बहुत सारे पशु पक्षी थे | बाज ने अभी अभी चार बच्चो को जनम दिया था | चारो बच्चे स्वस्थ थे और आपस मे खेल रहे थे |

उन चारो मे से अभी अभी एक बच्चे ने उड़ना सिखा था वह बहुत ही खुश था और आकाश मे कलाबाजी दिखा रहा था | वह जंगल मे आस पास उड़कर जंगल मे घूम रहा था | जंगल मे उड़ते उड़ते उसने पेड़ के निचे से एक सूअर को भागते हुए देखा तभी तुरंत वह अपने माँ के पास लोटकर आया और अपनी माँ से बोला माँ मेने आज एक सूअर को देखा वह कितना स्वादिष्ट होगा ना मे अभी जाके उसका शिकार करके आता हूँ |


तभी बाज़ की माँ ने कहा नहीं बेटा तुम तो अभी बहुत छोटे हो तुम अभी तक इसका शिकार करने के लायक नहीं बने हो | तुम पहले किसी छोटे शिकार से शिकार करना चालू करो तभी बच्चे ने पुछा छोटा शिकार मे कौन सा प्राणी आता है तो उसकी माँ ने बोला तुम चूहे से शुरुवात करो |

बच्चा आज्ञाकारी था उसने तुरंत माँ की बात मान ली और चूहे का शिकार करने निकल पड़ा | बहुत साड़ी कोशिश करने के बाद वह आखिर मे चूहे का शिकार करना सिख गया था | अब बच्चे का आत्मविश्वास बढ गया था कुछ दिनों बाद वह फिरसे अपने माँ के पास आया और बोला माँ वो देखो सूअर क्या मे अभी उसका शिकार कर सकता हूँ ? उसकी माँ ने फिरसे मना किया |

माँ ने कहा तुम पहले खरगोश का शिकार करना सीखो | बच्चे ने फिरसे अपनी माँ के आज्ञा का पालन किया और खरगोश का शिकार करने निकल पड़ा बहुत सारे प्रयास करने के बाद वह आखिर मे खरगोश का शिकार करना भी सिख गया था और उसका आत्मविश्वास पहले से भी ज्यादा बड चूका था |


बच्चे ने माँ को खरगोश का शिकार के बारे मे बताया और फिरसे बोला क्या मे अब सूअर का शिकार कर सकता हूँ ? उसकी माँ ने फिरसे मना किया और बोली अब तुम मेमने का शिकार करना सीखो | बच्चा थोडा दुखी था पर फिर भी उसने अपनी ममाँ के आज्ञा का पालन किया और मेमने का शिकार करने के लिए निकल पड़ा |

दो तीन दिन बीत गए बच्चे से मेमने का शिकार नहीं हो रहा था | बहुत प्रयास के बाद आखिर मे एक दिन बच्चे ने मेमने का शिकार कर लिया और अपनी माँ के पास लेकर आया | शिकार देखके माँ और बच्चे दोनों खुश थे और बड़े मजे से खा रहे थे |

एक दिन सूअर का बच्चा जिस पेड़ पर बाज का घोसला था उस पेड़ के निचे से जा रहा था | सूअर को देखते ही बाज का बच्चा खुश हो गया और अपनी माँ की तरफ देखने लगा | माँ ने भी बच्चे की तरफ देखा और मुस्कुराई , बच्चा खुश हो गया और सूअर का शिकार करने निकल पड़ा | बाज के बच्चे ने कुछ मिनटों मे ही सूअर का शिकार कर लिया था और अपनी माँ के पास लेकर आया और उसदिन पहली बार उसने अपने मनपसंद का  खाना खाया था |

अगर बाज के बच्चे ने पहले ही सूअर का शिकार किया होता तो वह असफल होता और उसका आत्मविश्वास भी कमजोर हो जाता लेकिन जब उसने छोटे छोटे शिकार करके बड़ा शिकार किया तब शिकार आसानी से हुआ और उसका आत्मविश्वास भी बढ़ गया था |

Moral of Hindi Story :


इस कहानी से हमे यह सिख मिलती है की ज़िंदगी मे सोच समझकर छोटे छोटे कदमो से आगे बढ़ना चाहिए |



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