Thursday, December 26, 2019

चालाक बकरी | New Baccho ki kahaniya

इस पोस्ट में एक चालक बकरी ( New Baccho ki kahaniya )  के बारे में बताया गया है जिससे बच्चो को सिख  मिलेगी की कठिन समय में कैसे  धीरता से काम लेना चाहिए |

चालाक बकरी | New Baccho ki kahaniya 


नवापुर नाम के एक गाव मे किसान के घर नीलू नाम की एक बकरी रहती थी | उस बकरी के तीन बच्चे थे और वह हमेशा उन बच्चो को लेकर टेंशन मे रहती थी क्योंकि गाव के किन्हारे ही एक घना जंगल था | बकरी को इसी बात का डर रहता था की बच्चे खेलते खेलते उस जंगल की ओर ना चले जाए |

चिंतित बकरी हमेशा अपने बच्चो को समझती थी की कभी भी उस जंगल मे मत जाना | एक दिन बकरी का बच्चा किसान के बच्चे को चारा लाने वाले से बात करते हुए सुनता है की जंगल मे तो ऐसा हरा भरा चारा चारो तरफ पड़ा रहता है | यह बात सुनकर बकरी के बच्चे को चारो तरफ हरा भरा घास देखने की इच्छा होती है और वह चुपचाप जंगल की तरफ चला जाता है | जब माँ बकरी को इस बात का पता चलता है वह बहुत बड़ी चिंता मे पड़ जाती है और तुरंत अपने बच्चे को ढूंडने निकलती है | बकरी का बच्चा खेलते हुए जंगल मे कुछ ही दूर पहुचता है की तभी ४ भेड़िया उस बच्चे के पास आकर उसको घेर लेते है |


भेडियो को देखते ही बकरी का बच्चा डर जाता है और जोर जोर से मिमियाने लगता है और अपनी माँ को बुलाने लगता है | यह देखकर सारे भेडिये जोर जोर से हसने लगते है और उन मे से एक भेड़िया बोलता है की वाह क्या ताजा ताजा माल है काश ये हमें परसों मिला होता | क्यों की परसों उसका जन्मदिन था पार्टी और रंगीन होती | तभी एक भेड़िया बोलता है कोई बात नहीं अपन थोड़ी लेट पार्टी करते है और इसका आनंद उठाते है | बकरी का बच्चा बहुत डरा हुआ रहता है उतने मे उसकी माँ उससे ढूंडते हुए उसके पास पहुच जाती है |

भेड़िये बकरी को देखकर और खुश होजाते है और बोलते है हमारी पार्टी को रंगीन करने बच्चे के साथ उसकी माँ भी आगई है | अभी तो और भी मज़ा आएगा इसे खाने मे | तभी उनकी बाते सुनकर नीलू बोलती है बस बस ज्यादा हसो मत वरना  शेरराज आकर तुम्हे फाड़ खाएंगे | शेरराज का नाम सुनते ही भेडियो की थोड़ी फटने लगी और वह बोले शेरराज यहाँ क्यों आएंगे | तभी बकरी ने कहा तुम्हे क्या लगता है मे बच्चे को इस तरह जंगल मे अकेले छोड़कर क्यों जाउंगी | क्योंकि शेरराज ने हमे हुकुम दिया था के मे अपने बच्चो को लेकर यहाँ से ना हिलू जब तक की शेरराज ना आजाए | और अगर तुम लोगोने उनके सिवा मुझे खा लिया तो शेरराज तुम चारो को जिंदा नहीं छोड़ेगा | यह बाते सुनकर भेडिये बोलते अगर हम लोगो ने तुम्हे खा लिया तो शेरराज को कैसे पता चलेगा | तभी बकरी बोलती है हमारे ऊपर निघरानी करने के लिए शेरराज ने हाथी को कहा है | ए बात सुनकर भेडिये डर जाते है और वहासे भाग जाते है |



New Baccho ki kahaniya

बकरी अपने बच्चे को लेकर वापस अपने गाव की तरफ भागती है | कुछ देर आगे चलते ही उनके सामने शेर आजाता है | शेर को देखकर बच्चा डर जाता है और अपनी माँ से लिपट जाता है | शेर कुछ ही कदमो मे उनके पास पहुच जाता है तभी नीलू घबराते हुए शेर से केहती है ठेरिये शेरराज वरना  शेरनी को गुस्सा आजाएगा | तभी शेर गुस्से मे कहता है कहा है शेरनी तुम बकरी अपने आप को शेरनी समझ रही हो | तभी बकरी ने कहा नहीं मे आपकी शेरनी की बात कर रही हूँ | तभी शेर कहता है मेरी शेरनी | तो बकरी बोलती है हा तुम्हारी शेरनी तुम्हे क्या लगता है मे अपने बच्चे को लेकर इस भयानक जंगल मे घुमने आई हूँ |


बकरी बोली मुझे शेरनी ने पकड़ लिया था और कहा था जब तलक मे ना आजाउ तुम यही पर रुकना कही जाना मत आज मे अपने शेर के लिया ताजा ताजा तुम्हे और तुम्हारे बच्चे को लेकर जाउंगी | तब शेर बोला मे ऐसे कैसे तुम्हारी बात पर विश्वास रखु तब बकरी बोली मत मानो | बादमे जब आपको अपनी शेरनी के गुस्से का शिकार बनना पडेग तब हमे मत कहना | और फिरभी तुम्हे मेरी बाते झूट लग रही ह तो उस कौवे से पुछो | शेर ने जोर से दहाड़ लगायी ताकी कौवा उड़ जाए लेकिन कौवा एक पेड़ की डाली से उड़कर दूसरी डाली पर बैठ गया | तभी शेर को यकीन होगया की कौवा बकरी की जासूसी के लिए ही है और उसने बकरी को जाने क लिए कहा |

बकरी फिरसे जल्दी जल्दी अपने बच्चे को लेकर गाव की तरफ भागती है तभी अचानक सामने से शेरनी आजाती है | बकरी और उसका बच्चा फिरसे डर जाता है और बकरी का बच्चा अपनी माँ से लिपट जाता है | शेरनी उन्हें देखकर कहती है आज तो मेरे शेरराज दो दो नरम घोश देखकर खुश होजाएगे | तभी बकरी कहती है वाह पति पत्नी हो तो आप जैसे दोनों ही एक दुसरे को खुश करने मे लगे हो | रोज आप शेर के लिए शिकार करके लेकर जाती हो आज शेर ने हम दोनों का शिकार खुदसे करनेका सोचा है और शेरनी जैसे ही गुफा मे आएगी मे उसके लिए तुम दोनों का ताजा ताजा शिकार लेकर जाऊंगा | यह सुनकर शेरनी ने कहा शेरराज आज मेरे बारे मे ऐसा सोच रहे है मुझे यकीन नहीं हो रहा | तभी बकरी ने कहा उस खरगोश से पूछो | तभी खरगोश अपने कान ऊपर करता है | तो शेरनी को बकरी के बातो पर विशवास होजाता है | और बकरी से कहती है मे अभी गुफा मे जाकर शेर राज को भेजती हूँ |

बकरी यहाँ वहा देखती है और अपने बच्चे को लेकर गाव के तरफ भाग जाती है | और इतना तेज़ी से भागती है के सीधा किसान के घर के सामने आकर ही रूकती है | बाकी बच्चे अपनी माँ को देखकर खुश होजाते है और इस तरह नीलू अपने बच्चे को जंगल के जानवरों से बचाती है |


Moral of Hindi Story:

इस कहानी से हमे यह सिख मिलती है की कठिन परिस्तिथि मे हमे चालाकी और धीरता से काम करना चाहिए | 

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